मेरठ में एक करोड़ की ठगी, तीन राज्यों से जुड़े तार

मेरठ में एक करोड़ की ठगी, तीन राज्यों से जुड़े तार

One crore rupees fraud in Meerut

One crore rupees fraud in Meerut

मेरठ। एक करोड़ की नगदी को पक्के में बदलने के फेर में शहर के तीन बड़े कारोबारी एक करोड़ की ठगी के शिकार हो गए। ठगी के तार तीन राज्य बंगाल, दिल्ली और बिहार से जुड़े हुए है। हैरत की बात है कि जिस सिलीगुड़ी के कृष्णा से प्रवीण शर्मा और पुष्पेंद्र चौधरी बात कर रहे थे।

वह उसे सीधे नहीं जानते है। वहीं तन्मय अग्रवाल जिस दिल्ली के कृष्णा से बात कर रहे थे, वह भी उसे आठ साल पहले जानते थे। इस बीच दोनों पक्षों की कोई बातचीत भी नहीं हुई। बुधवार की दोपहर ही अचानक आभूषण खरीदारी का काल आया था।

आठ साल बाद आई एक करोड़ की खरीदारी को कृष्णा की काल 

सर्राफ बाजार में 1918 में रघुनंदन प्रसाद ने छोटी की दुकान खोली थी। उनके नाम पर ही दुकान का नाम रघुनंदन ज्वैलर्स रख दिया था। रघुनंदन के बाद उनके बेटे राकेश प्रकाश अग्रवाल ने कमान संभाली। उसके बाद उनके बेटे तन्मय अग्रवाल ने कारोबार को आगे बढ़ाया।

2002 में आबू प्लाजा में रघुनंदन ज्वैलर्स शोरूम खोला गया था। तन्मय अग्रवाल ने बताया कि आठ साल पहले करोल बाग के कृष्णा ज्वैलर्स से आभॅषण की खरीद फरोख्त होती थी। आठ साल से उनसे कोई संपर्क नहीं हुआ। बुधवार को ही अचानक एक बजे कृष्णा ज्वैलर्स के स्वामी कृष्णा की काल आई।

उन्होंने कहा कि एक करोड़ के आभूषण लेने के लिए कर्मचारी को भेज रहा हूं। 1:20 पर कर्मचारी पहुंचा। 1:45 बजे तक अाभूषण देखने के बाद बिल बनवाकर बाजार में घूमने चला गया, जब एक करोड़ की नगदी आई। उसके बाद कर्मचारी आया और आभूषण लेकर चला गया।

सिलीगुड़ी के कृष्णा को प्रवीण और पुष्पेंद्र जानते तक नहीं 

प्रवीण शर्मा ने बताया कि दिल्ली के चावड़ी बाजार में शादी कार्ड की दुकान करने वाले पंकज और राजबीर से काफी दिनों से संपर्क में है। पंकज मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित चैनपुर धारपुर के रहने वाले है। दिल्ली के अंबे एन्क्लेव में रहते है।

पंकज और उसके भाई राजवीर के संपर्क में एक महीने से सिलीगुड़ी का कृष्णा था। उनकी कृष्णा से फोन पर ही बातचीत हो रही थी। इसी बीच कृष्णा ने उन्हें बताया कि कोई बड़ी रकम को पक्के में बदलवा सकता है। तभी राजवीर और पंकज की बात प्रवीण शर्मा से हुई। वह एक करोड़ की रकम को पक्के में बदलवाना चाहते थे।

प्रवीण रकम बदलने के लिए तैयार हो गए। प्रवीण ने अपने साथी पुष्पेंद्र चौधरी को भी पूरे मामले के बारे में बताया। पुष्पेंद्र दबथुआ के रहने वाले है। आर्क सिटी में मेडिकल स्टोर चलाते है। पुष्पेंद्र और प्रवीण के साथ दिल्ली से आए राजवीर और पंकज भी रकम बदलवाने के लिए शाम चार बजे रघुनंदन ज्वैलर्स पर पहुंच गए। राजबीर की ही बात सिलीगुड़ी के कृष्णा से हो रही थी।

कृष्णा ने उन्हें तन्मय के पास भेजा। पंकज और राजबीर शोरूम के बाहर बैठ गए और पुष्पेंद्र और प्रवीण रकम गिनती कराने अंदर तन्मय के साथ चले गए। वहां पर मशीन से रकम गिनती की जा रही थी। रकम गिनती के बाद प्रवीण ने बताया कि उनके बताए खाते में रकम डालनी है। तब तन्मय ने बताया कि रकम के आभूषण खरीद कर युवक जा चुका है।

ऐसे जुड़े है तीन राज्यों तक ठगी के तार 

बंगाल के सिलीगुड़ी से कृष्णा, दिल्ली के करोल बाग से कृष्णा और बिहार से पंकज और राजबीर। इस एक करोड़ की ठगी से जुड़े हुए है। पुलिस ने फिलहाल पंकज और राजबीर को भी हिरासत में ले लिया है। कृष्णा जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत कर रहा था। वह नंबर बंद हो चुके है। आभूषण लेने वाला युवक भी लगातार मोबाइल पर बात कर रहा था। उसके मोबाइल की सीडीआर निकाल कर ठगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।